प्रथम जैन सचमवत िी अध्यक्षता ि किसिे िाल में हुआ - स्तूलनन्थ,
िन्द्रगुप्त मोयव
कद्वतीय जैन सचमवत िे आयोजन िहाां हुआ - वल्लिी में
बुद्ध धमत िी शाखायें िौन- 2 सी है - हीनयान, महायान, बज्रयान
जैन धमत िे धमतग्राथ - अांग, उपाांग, प्रकीणवक
स्मादिादया सांशयिाद किस धमत से सम्बन्धन्दत है - जैन धमव
जैन धमत िी प्रमुख शाखायें - श्वेतािर ददग्मबर
मगघ में शासन िरने िाला प्रथम िांश - हयवक वांश
निांश िा सांिापि - महाप नन्थ
भारत पर आक्रमण िरने िाला प्रथम यूरोवपयन - लसकन्थर
ससिर िहाां िा शासि था - मकदूतनया
ससिर ने िब भारत में आक्रमण - 326 ई0 पूवव
ससिर ने हाईडेस्पीि (विसरता) िे युद्ध में किसे परासजत किया - पौरूष
ससिर िे घोडे िा नाम - बुकाफेला
ससिर िा गुरू िा नाम - अरु
मौयत िांश िे सांिापि िौन था - िन्द्रगुप्त मोयव
अथतशास्त्र िे लेखि - कौरटलय
इन्धण्डिा िे लेखि - मेगस्तनीज
साांिी िे स्तूप िा वनमातण किसने िराया - अशोक ने
मेगिनीज ने किसिे दूत िे रूप िन्द्रगुप्त मौयत िे दरबार में आया था
- सेल्यूकस
मुद्रा राक्षस किसने सलखी थी - तवशाखदत्त
अशोि ने अपने पुत्र महेन्द्र ि पुत्री सांघचमत्रा िो िहाां भेजा - श्रीलांका
िौनसा मौयत सम्राट जैन धमत ग्रहण िरिे श्रिण बेलगोला िला गया
- िन्द्रगुप्त मौयव
अन्तिम मौयत समाा्रट िौन था - बृहद्रथ
महाभाष्य िे लेखि - पांतजलल
पांतजासल किसिे दरबार में था - पुष्यबमत्र शुांग के
िवनष्क किस िांश िा शासि था - कुषागवांश का
िवनष्क िी राजधानी िहाां थी - पुरूषपुर
िरि, नागाजुतन, अश्वघोष ि िसुचमत्र किसिे दरबार में थे - कतनष्क के
पुरूषपुर में िैत्म िा वनमातण किसने िरिाया - कतनष्क
रेशममागत िा सांिापि िौन थे - कतनष्क
शांि सांित (िवनष्क िे राज्यरोहण) िी वतचथ है - 78 ई0
मगघ में शासन िरने िाला प्रथम ऐवतहासि राजिांश - हयवक वांश
किस िांश िो वपत्रृहता यश िे रूप में जाना जाता था - हयवक वांश

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